भोपाल, 24 अक्टूबर।
नगर निगम के संपत्ति कर बिलों में गलत श्रेणी दर्ज करने और सीवेज सुविधा शुरू होने से पहले ही शुल्क वसूलने के मामले सामने आए हैं। कहीं छोटी दुकान को मॉल की श्रेणी में दर्ज कर हजारों रुपये का अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया गया, तो कहीं मकान और दुकान वाले भवन को स्कूल की श्रेणी में दर्ज कर दिया गया। कोलार रोड की एक कॉलोनी के करीब 185 आवासों से भी सीवेज शुल्क लिए जाने की शिकायत सामने आई है, जबकि रहवासियों का दावा है कि वहां सीवेज लाइन का काम अधूरा है।
400 वर्ग फीट की दुकान पर 60 हजार रुपये सीवेज शुल्क
आकृति बिजनेस सेंटर में 400 वर्ग फीट की एक दुकान को नगर निगम के रिकॉर्ड में मॉल की श्रेणी में दर्ज कर दिया गया। इसके चलते बिल में 60 हजार रुपये सीवेज शुल्क जोड़ दिया गया। दुकान का मूल संपत्ति कर 5,020 रुपये था, लेकिन अतिरिक्त शुल्क जुड़ने से कुल बिल 65,848 रुपये पहुंच गया।
इसी तरह बावड़िया कलां की सहयोग विहार कॉलोनी में दुकान और मकान वाले एक भवन को स्कूल की श्रेणी में दर्ज कर दिया गया। संपत्ति कर, सीवेज शुल्क और पुराने बकाये को मिलाकर बिल 2.38 लाख रुपये का बना।
185 आवासों से भी सीवेज शुल्क वसूली
कोलार रोड स्थित फाइन एवेन्यू फेज-1 कॉलोनी के रहवासियों के अनुसार, वहां सीवेज लाइन का करीब 20 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है और पिछले पांच-छह महीने से निर्माण बंद है। इसके बावजूद संपत्ति कर के साथ प्रत्येक आवास से 1,800 रुपये सीवेज शुल्क जोड़ा जा रहा है।
आयुक्त ने दिए भौतिक सत्यापन के निर्देश
नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने कहा कि संबंधित संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। रहवासियों ने संपत्तियों की सही श्रेणी दर्ज करने और गलत शुल्क हटाकर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है।













