नई दिल्ली, 23 मार्च।
इंडस्ट्रियल मशीनरी कंपोनेंट्स बनाने वाली टिपको इंजीनियरिंग इंडिया का 60.55 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। निवेशक इस आईपीओ में 25 मार्च तक हिस्सा ले सकते हैं। इश्यू क्लोज होने के बाद 27 मार्च को शेयर आवंटित किए जाएंगे, जबकि 30 मार्च को डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 1 अप्रैल को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
आईपीओ का प्राइस बैंड 84 रुपये से 89 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, और लॉट साइज 1,600 शेयर का है। रिटेल इनवेस्टर्स दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए 2,84,800 रुपये का निवेश आवश्यक होगा। कुल 68,03,200 शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनमें से 44,27,200 नए शेयर 39 करोड़ रुपये के लिए और 13,55,200 शेयर 12 करोड़ रुपये के लिए ऑफर फॉर सेल के तहत बेचे जाएंगे। 10,20,800 शेयर मार्केट मेकर्स के लिए रिजर्व हैं।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 42.29 प्रतिशत हिस्सा, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 29.87 प्रतिशत और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए 12.84 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। मार्केट मेकर्स के लिए 15 प्रतिशत शेयर रिजर्व हैं। स्मार्ट हॉरिजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं, मांशीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार और श्रेणी शेयर्स लिमिटेड मार्केट मेकर हैं।
कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी मजबूत दिख रहे हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में 2.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो 2023-24 में 8.45 करोड़ रुपये और 2024-25 में 15.61 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक शुद्ध लाभ 13.19 करोड़ रुपये रहा।
राजस्व भी लगातार बढ़ा है। 2022-23 में 35.98 करोड़ रुपये, 2023-24 में 101.36 करोड़ रुपये और 2024-25 में 133.37 करोड़ रुपये रहा। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक राजस्व 86.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कर्ज का बोझ भी बढ़ा। 2022-23 में 8.42 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2023-24 में 25.68 करोड़ रुपये और 2024-25 में 37.23 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में यह 37.52 करोड़ रुपये है।
रिजर्व और सरप्लस 2022-23 में 2.56 करोड़ रुपये था, 2023-24 में 12.50 करोड़ रुपये और 2024-25 में 33.21 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक यह 31.09 करोड़ रुपये है।
ईबीआईटीडीए 2022-23 में 3.47 करोड़ रुपये था, 2023-24 में 12.14 करोड़ रुपये और 2024-25 में 23.85 करोड़ रुपये रहा। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ईबीआईटीडीए 20.89 करोड़ रुपये पर था।












