लखनऊ, 31 मार्च।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद राज्य भर में अब तक 17,581 छापे और निरीक्षण किए गए हैं, जिससे ये उत्पाद अब आसानी से उपलब्ध हैं और बाजार में कोई कृत्रिम संकट नहीं बन पाया।
प्रदेश में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की वजह से एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में रुकावट का अंदेशा था, जिसके चलते कुछ अफवाहें भी फैलने लगीं। इन अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट बढ़ी और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लगने लगीं। इसके अलावा, कुछ राजनीतिक दलों ने भी इन अफवाहों को बढ़ावा दिया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। सरकार ने तत्काल प्रभाव से सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की और अब तक 224 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुख्य सचिव के स्तर से जारी निर्देशों के तहत जिला अधिकारियों ने पेट्रोल-डीजल और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सघन निरीक्षण शुरू कर दिए हैं। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंपों और 4,107 गैस वितरकों के जरिए उपभोक्ताओं तक ईंधन और गैस की आपूर्ति हो रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें, क्योंकि फिलहाल पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 27 से 29 मार्च तक हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री की गई और वर्तमान में लगभग 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल तथा 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में गैस सिलेंडर की भी पर्याप्त आपूर्ति हो रही है।









