हमीरपुर, 15 अप्रैल।
हमीरपुर जनपद में उस समय हड़कंप मच गया जब सुमेरपुर थाना क्षेत्र के इंगोहटा जा रही रोडवेज बस में महिला यात्री और चालक-परिचालक के बीच शुरू हुआ विवाद अचानक उग्र हो गया और बस स्टैंड पर पहुंचते ही मारपीट की गंभीर घटना में बदल गया।
बताया गया कि विवाद के बाद महिला ने अपने परिजनों को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद इंगोहटा बस स्टैंड पर पहुंचते ही परिजनों ने चालक-परिचालक पर हमला कर दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
इस दौरान परिचालक के पास रखा नोटों से भरा बैग और टिकट मशीन भी छीन ली गई। घटना के चलते मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों तथा राहगीरों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार परिचालक आरती कुशवाहा ने बताया कि वह बस लेकर महोबा की ओर जा रही थीं और चालक सचिन बस चला रहे थे। इसी दौरान एक महिला यात्री हमीरपुर से इंगोहटा के लिए बस में सवार हुई और गेट के पास खड़ी हो गई।
सीट पर बैठने के लिए कहने पर वह विवाद करने लगी और इसी दौरान उसने चालक के साथ भी अभद्रता शुरू कर दी। इसके बाद महिला ने अपने परिजनों को फोन कर बुला लिया और बस के इंगोहटा पहुंचते ही उन्होंने बस के सामने बाइक खड़ी कर दी।
इसके बाद चालक को बस से उतारकर पीटा गया और जब परिचालक बीच बचाव के लिए पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट की गई तथा डंडों से हमला करते हुए नोटों से भरा बैग और टिकट मशीन छीन ली गई।
घटना के कारण लगभग आधे घंटे तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही और दोनों ओर कई वाहन फंस गए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और मारपीट में शामिल लोगों को हिरासत में ले लिया।
परिचालक ने आरोप लगाया कि बस स्टैंड के पास मौजूद पीआरवी टीम ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया और पूरी घटना के दौरान तमाशबीन बनी रही। इस विवाद के चलते बस लगभग पांच घंटे तक खड़ी रही और यात्रियों को दूसरी बसों से रवाना किया गया।
परिचालक का यह भी आरोप है कि थाने में दी गई तहरीर को बदलवाकर हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया गया और मेडिकल के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़े। वहीं पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों का शांति भंग में चालान किया गया है।





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