पेरिस/वाशिंगटन, 18 मार्च।
पश्चिम एशिया में 19 दिन से जारी सैन्य संघर्ष ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल ठिकानों पर बंकर-बस्टर बम से हमला कर अपने सबसे शक्तिशाली हथियारों का इस्तेमाल किया। इस ऑपरेशन में 5,000 पाउंड वजनी “डीप पेनिट्रेटर” बम का उपयोग किया गया, जिसे भूमिगत और मजबूत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए तैयार किया जाता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका को अब किसी बाहरी मदद की आवश्यकता नहीं है। वहीं, इज़राइल का दावा है कि उसने ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाकर बड़ा झटका दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका ने इस बड़ी सैन्य कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया, जहां एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें तैनात थीं, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
क्षेत्र में इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। ईरान ने अमेरिकी और इज़राइली हमलों के जवाब में आक्रामक रुख अपनाया है। तेल अवीव के पास रामत गान में हाल ही में हुए मिसाइल हमलों में दो लोगों की मौत हुई, जिससे इज़राइल में ईरानी हमलों से मरने वालों की कुल संख्या 14 तक पहुंच गई।
हमलों के बाद सामने आई तस्वीरों में व्यापक तबाही दिखी। कई वाहन जलकर नष्ट हो गए। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है।
सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। मिसाइल के टुकड़े बेस के आसपास गिरे, लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इस एयर बेस पर अमेरिकी सैनिक भी तैनात हैं, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पहले ही ईरान की नौसेना और वायुसेना को काफी हद तक कमजोर कर दिया है और इस संघर्ष में उसे किसी सहयोगी की आवश्यकता नहीं है। इज़राइल का दावा है कि उसने ईरान के सुरक्षा तंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकारियों और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख को अपने हमलों में मार गिराया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियां वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर गंभीर असर डाल सकती हैं। लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई यह संकेत दे रहे हैं कि यदि जल्दी कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।











