अटलांटा, 26 मार्च।
फीफा के उपाध्यक्ष विक्टर मोंटाग्लियानी ने बुधवार को कहा कि आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी जो चर्चाएं उठ रही हैं, उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उनका मानना है कि जैसे ही टूर्नामेंट शुरू होगा, सभी चिंताएं पीछे छूट जाएंगी और फोकस केवल फुटबॉल पर रहेगा।
यह वर्ल्ड कप अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। टूर्नामेंट से पहले कई तरह की चुनौतियां सामने आई हैं, जिनमें मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीतियां और मेक्सिको में बढ़ती गैंग हिंसा शामिल हैं।
ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वह अमेरिका में अपने मैच नहीं खेलेगा, क्योंकि ट्रंप ने ईरानी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी। इसके अलावा कई देशों के प्रशंसकों ने वीजा प्रक्रिया और इमिग्रेशन एजेंसियों के व्यवहार को लेकर चिंता जताई है।
मोंटाग्लियानी, जो कॉनकाकाफ के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि हर वर्ल्ड कप से पहले इस तरह की भू-राजनीतिक चुनौतियां सामने आती रही हैं। उन्होंने 1978 के अर्जेंटीना वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए बताया कि उस समय भी राजनीतिक परिस्थितियां बेहद संवेदनशील थीं।
उन्होंने कहा, “हर वर्ल्ड कप में इस तरह के मुद्दे रहे हैं। आज ये ज्यादा बड़े नजर आते हैं क्योंकि सोशल मीडिया और मीडिया कवरेज का दायरा बढ़ गया है।”
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी हाल में चर्चा में रहे, खासकर ट्रंप के साथ उनके करीबी संबंधों को लेकर। हालांकि, मोंटाग्लियानी ने स्पष्ट किया कि मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे। इसके लिए अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की सरकारों के साथ समन्वय जरूरी है, ताकि सभी दर्शक सुरक्षित माहौल में मैच का आनंद ले सकें।”
मोंटाग्लियानी ने भरोसा जताया कि 11 जून को पहला मैच शुरू होते ही दुनिया भर के लोग बाकी सभी मुद्दों को भूलकर केवल खेल पर ध्यान देंगे।












