नई दिल्ली, 11 मई।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच वैश्विक बाजारों पर दबाव गहराता नजर आ रहा है, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया और शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार की शुरुआत कमजोर रुझान के साथ हुई, जिसके बाद कुछ समय के लिए खरीदारी का प्रयास जरूर देखने को मिला, लेकिन जल्द ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया। इसके चलते प्रमुख सूचकांक लगातार नीचे खिसकते चले गए और बाजार में कमजोरी बढ़ती गई।
सुबह 11 बजे तक के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही तेज गिरावट के साथ लाल निशान में बने रहे, जहां सेंसेक्स में 1.31 प्रतिशत और निफ्टी में 1.18 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
इसी दौरान कुछ दिग्गज शेयरों में हल्की मजबूती भी देखी गई, जिनमें टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, सन फार्मास्युटिकल्स, कोल इंडिया, मैक्स हेल्थकेयर और एचसीएल टेक्नोलॉजी शामिल रहे, जो मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
वहीं दूसरी ओर टाइटन कंपनी, इंटर ग्लोबल एविएशन, एसबीआई, एटरनल और भारती एयरटेल जैसे प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
कुल मिलाकर बाजार में सक्रिय 2,800 से अधिक शेयरों में से अधिकांश लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जबकि सीमित संख्या में ही शेयर लाभ में रहे। इसी तरह सेंसेक्स और निफ्टी के अधिकतर घटक शेयर भी दबाव में दिखाई दिए।
सेंसेक्स ने आज की शुरुआत तेज गिरावट के साथ की और थोड़ी देर बाद हल्की रिकवरी दिखाई, लेकिन इसके बाद फिर बिकवाली तेज हो गई और सूचकांक एक समय 1,100 अंक से अधिक टूट गया।
इसी तरह निफ्टी ने भी गिरावट के साथ शुरुआत की और कुछ समय की स्थिरता के बाद फिर दबाव में आकर नीचे फिसल गया, जिससे पूरे बाजार में अस्थिरता का माहौल बना रहा।
पिछले कारोबारी सत्र में भी दोनों प्रमुख सूचकांक कमजोरी के साथ बंद हुए थे, जिससे बाजार में लगातार नकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है।











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