वॉशिंगटन, 09 मई।
अमेरिका ने वेनेजुएला से 13.5 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से हटाकर अपने देश में स्थानांतरित कर दिया है। यह सामग्री वेनेजुएला के एक पुराने अनुसंधान रिएक्टर में वर्षों से सुरक्षित रखी गई थी। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह यूरेनियम राजधानी काराकास के पास स्थित स्थल से हटाया गया और विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत अमेरिका पहुंचाया गया।
यह पूरा अभियान अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सहयोग से पूरा किया गया। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार यूरेनियम को पहले सड़क मार्ग से बंदरगाह तक पहुंचाया गया और फिर समुद्री मार्ग से अमेरिका भेजा गया। अब इसे दक्षिण कैरोलिना स्थित सवाना रिवर परमाणु संयंत्र में संसाधित किया जाएगा।
राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एजेंसी ने बताया कि वेनेजुएला का आर वी वन अनुसंधान रिएक्टर कई दशकों तक वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए उपयोग किया जाता था, लेकिन बाद में वहां यह संवेदनशील सामग्री रखी रह गई थी।
अधिकारियों के अनुसार यह पूरा अभियान छह सप्ताह से भी कम समय में पूरा किया गया। सामग्री को विशेष सुरक्षा कंटेनरों में पैक किया गया और कड़ी निगरानी में परिवहन किया गया। इस मिशन में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम भी शामिल थी, जिसने पूरे अभियान पर नजर रखी।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इस अभियान की पुष्टि करते हुए इसे अत्यंत संवेदनशील और जटिल प्रक्रिया बताया है। एजेंसी ने कहा कि ऐसे अभियानों से परमाणु सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलती है।
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका लंबे समय से दुनिया के विभिन्न देशों से संवर्धित परमाणु सामग्री को सुरक्षित करने की प्रक्रिया चला रहा है। अब तक हजारों किलोग्राम संवेदनशील सामग्री विभिन्न देशों से हटाई या सुरक्षित की जा चुकी है।
इस बीच वेनेजुएला के साथ अमेरिका के संबंधों में भी बदलाव देखा जा रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ा है और कुछ क्षेत्रों में सहयोग भी शुरू हुआ है। वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों को देखते हुए अमेरिका वहां निवेश और सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि इस नीति को लेकर कुछ अंतरराष्ट्रीय समूहों ने चिंता भी जताई है और इसे राजनीतिक प्रभाव से जुड़ा कदम बताया है। फिर भी दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग के संकेत लगातार बढ़ते दिख रहे हैं।





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