भोपाल, 02 मई।
मध्य प्रदेश में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने तबाही मचाई। जहां राजधानी भोपाल में बारिश से राहत मिली, वहीं रायसेन, सीहोर, बालाघाट, नर्मदापुरम सहित अन्य क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
राजधानी भोपाल में दोपहर बाद बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। हालांकि, रातीबड़ क्षेत्र में एक बड़ा बरगद का पेड़ मकान पर गिरने से घर को नुकसान हुआ, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रायसेन जिले के छुछार गांव में तेज आंधी के कारण हरशिव वेयरहाउस की टीन की छत उड़ गई, जिससे लगभग 5000 मीट्रिक टन मूंग भीग गई। इसके कारण बरेली और बाड़ी क्षेत्रों में किसानों का अनाज भीगने से सरकारी खरीदी प्रभावित हुई, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया।
सीहोर में भी तेज आंधी और बारिश ने किसानों को नुकसान पहुँचाया। इछावर, बोरदी और अन्य इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रखी फसल भीग गई। बोरदी में विनायक वेयरहाउस के पास खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में फसल भीगने से किसानों को भारी नुकसान हुआ। बालाघाट में तेज हवाओं के कारण एक पेड़ गिरने से बाइक दब गई, लेकिन किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
नर्मदापुरम में भी आंधी और बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा गेहूं और चना भीग गया। यहां भी पेड़ गिरने और टीन शेड उड़ने से यातायात प्रभावित हुआ। नरसिंहपुर में ढिगसरा गांव में एक पुराना आम का पेड़ गिरने से अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिसके कारण मरीजों को मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ा।
अन्य जिलों में भी आंधी-बारिश का असर देखा गया, जैसे हरदा, डिंडौरी, गुना, इटारसी, श्योपुर, ब्यावरा और पिपरिया में। इन क्षेत्रों में पेड़ गिरने, बिजली की आपूर्ति बाधित होने, और पानी की टंकियां गिरने की घटनाएं सामने आईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।











