हरदा, 02 मई।
हरदा जिले के मांगरूल गांव में एक 19 वर्षीय महिला ने खुद ही डिलीवरी करने की कोशिश की, जिसके कारण नवजात का धड़ शरीर से अलग हो गया और सिर महिला के पेट में फंसा रह गया। यह घटना शुक्रवार की शाम को हुई, जब महिला को खेत में काम करते समय प्रसव पीड़ा का अनुभव हुआ। महिला ने अस्पताल जाने के बजाय खुद ही डिलीवरी का प्रयास किया, जिससे यह भयावह घटना घटित हो गई।
महिला के परिजनों ने घबराकर उसे हरदा जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए महिला की सामान्य डिलीवरी कर बच्चे का सिर बाहर निकाला। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने नवजात के शव का पोस्टमॉर्टम कर जांच शुरू कर दी है। महिला के पति, जितेंद्र बछान्या ने बताया कि उनकी पत्नी अंजू का यह दूसरा प्री-मैच्योर डिलीवरी मामला था। पिछले साल जुलाई में अंजू ने सात महीने की गर्भावस्था में बेटी को जन्म दिया था, लेकिन वह बच्ची कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद घर लौट आई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
डॉक्टरों के अनुसार, अंजू की यह दूसरी प्री-मैच्योर डिलीवरी थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन चौधरी ने कहा कि समय रहते अस्पताल चेकअप करना बहुत आवश्यक था, विशेष रूप से प्री-मैच्योर डिलीवरी के बाद। डॉ. चौधरी ने यह भी सलाह दी कि लेबर पेन बढ़ने या पानी फूटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए।










