पटना, 31 मार्च।
बिहार के नालंदा जिले में शीतला अष्टमी के मौके पर एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें भारी भगदड़ के कारण 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसा मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए जुटे थे। घायलों की संख्या 6 से अधिक बताई जा रही है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। अचानक बढ़ी भीड़ और अव्यवस्था के कारण भगदड़ मच गई, जिससे लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति इतनी खराब हो गई कि मंदिर परिसर और अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
अब तक मृतकों की पहचान दो महिलाओं के रूप में हुई है। इनमें से एक सकुन्त बिहार की रीता देवी और दूसरी मथुरापुर (नूरसराय) की रेखा देवी हैं। सभी मृतक महिलाएं हैं। अन्य घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया, और एसडीपीओ सहित पुलिस अधिकारियों का एक दल मौके पर पहुंचा। हालांकि, स्थानीय लोग प्रशासन के ऊपर आक्रोशित हैं, क्योंकि उन्होंने आरोप लगाया कि शीतला अष्टमी जैसे बड़े पर्व पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। न तो पुलिस बल की तैनाती ठीक से की गई थी, और न ही बैरिकेडिंग या भीड़ नियंत्रण के उचित इंतजाम थे, जिससे यह हादसा हुआ।
इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने घायलों के इलाज की व्यवस्था का भी आश्वासन दिया और दिवंगतों की आत्मा की शांति की कामना की।
मघड़ा गांव बिहारशरीफ से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है। शीतला अष्टमी के दिन यहां विशेष परंपरा के तहत घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता, और एक दिन पहले तैयार किया गया ठंडा भोजन माता को भोग अर्पित किया जाता है। इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।












