बैरकपुर, 27 अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में आयोजित विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक भूमि, जिसने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया था, अब राज्य में परिवर्तन की दिशा तय करेगी। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में बड़े बदलाव का समय निकट है।
उन्होंने कहा कि बंगाल की सेवा करना, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उसे चुनौतियों से बाहर निकालना उनके लिए केवल जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि सौभाग्य भी है, और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे। प्रधानमंत्री ने सभा को इस चुनावी अभियान की अपनी अंतिम रैली बताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आगामी चार मई के बाद उन्हें भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पुनः यहां आना पड़ेगा।
सभा स्थल तक पहुंचे भारी जनसमूह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सुबह से ही हजारों लोग उन्हें आशीर्वाद देने पहुंचे थे। अपने रोड शो को उन्होंने तीर्थ यात्रा जैसा अनुभव बताया और कहा कि लोग लगातार उनके साथ जुड़ते रहे और आगे तक उनका स्वागत करते रहे।
प्रधानमंत्री ने अरामबाग की एक महिला का उल्लेख करते हुए खेद जताया कि वे उससे मिल नहीं सके, लेकिन भविष्य में मिलने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में उनकी निरंतर यात्राएं चलती रहती हैं और जनता ही उनका वास्तविक परिवार है।
उन्होंने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जहां रोजगार देने वाली उद्योग इकाइयां बंद हो रही हैं, वहीं अवैध गतिविधियों और बम निर्माण से जुड़ी इकाइयां बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र में हाल के महीनों में कई जूट मिलें बंद हो चुकी हैं और राज्य में “महाजंगल राज” जैसी स्थिति बन गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल की राजनीति केवल धमकी, झूठ और भय के इर्द-गिर्द घूमती है तथा पिछले वर्षों के शासन का कोई जवाब जनता के सामने नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि “मां, माटी, मानुष” का नारा देने वाली सरकार ने महिलाओं, किसानों और युवाओं के हितों की अनदेखी की है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को चुनावी मुद्दा बताते हुए कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था के लिए जनता को परिवर्तन के पक्ष में मतदान करना चाहिए, ताकि बेटियां निर्भय होकर जीवन जी सकें। साथ ही उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे मतदान के समय उन घटनाओं को याद रखें जिनमें उन्हें अत्याचार का सामना करना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य से लगातार पलायन बढ़ा है और रोजगार के अभाव में युवा बाहर जाने को मजबूर हुए हैं, जिससे परिवार बिखरे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार बनने पर युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने आगामी चार मई के बाद रोजगार से जुड़े पांच बड़े कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी भर्तियां समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से होंगी, रिक्त पद भरे जाएंगे और कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। साथ ही क्रिएटिव सेक्टर को बढ़ावा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी और शहरी स्ट्रीट वेंडरों के लिए योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महान व्यक्तित्व को जन्म दिया और उनके योगदान से भारतीय जनसंघ की नींव मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय भी उसी विचारधारा की पूर्ति है और अब बंगाल के विकास तथा शरणार्थी समस्या के समाधान को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कोलकाता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि शहर को विकसित करने के वादे पूरे नहीं हुए और इसकी पहचान कमजोर हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोलकाता की सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए एकजुट हों।
प्रधानमंत्री ने “अंग, बंग और कलिंग” का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य राज्यों में भाजपा को समर्थन मिल चुका है और अब बंगाल की बारी है। उन्होंने “वंदे मातरम्” को 21वीं सदी में बंगाल के पुनर्निर्माण का प्रतीक बताते हुए कहा कि राज्य का विकास ही विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।









