भोपाल, 20 मई ।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया बुधवार को संपन्न हुई, जिसमें 11 हजार 485 बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश मिला। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से संपन्न की गई।
इस चरण में उन बच्चों को शामिल किया गया था, जिन्हें प्रथम चरण में उनकी प्राथमिकता के अनुसार स्कूल आवंटित नहीं हो सका था। ऐसे अभिभावकों को रिक्त सीटों के आधार पर पुनः वरीयता दर्ज करने का अवसर दिया गया था, जिसके बाद लॉटरी के माध्यम से सीटों का आवंटन किया गया।
लॉटरी प्रक्रिया में नर्सरी कक्षा के 7 हजार 599, केजी-1 के 2 हजार 747 और कक्षा पहली के 1 हजार 139 बच्चों को प्रवेश मिला। इस अवसर पर अधिकारियों ने चयनित बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष आरटीई के तहत दस्तावेज सत्यापन के बाद 1 लाख 80 हजार 875 बच्चे पात्र पाए गए थे, जिनमें से अब तक 1 लाख 6 हजार से अधिक बच्चों को स्कूल आवंटन मिल चुका है। इनमें से 97 हजार से अधिक बच्चों ने पहले ही प्रवेश ले लिया है।
द्वितीय चरण की लॉटरी के बाद कुल 11 हजार 485 और बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है, जिससे इस सत्र में आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश प्राप्त करने वाले बच्चों की संख्या 1 लाख 17 हजार 400 से अधिक हो गई है।
अभिभावक अपने बच्चों का आवंटन पत्र आरटीई पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। चयनित बच्चों को 20 मई से 10 जून 2026 के बीच संबंधित विद्यालयों में प्रवेश लेना होगा। सरकार की ओर से इन बच्चों की फीस सीधे स्कूलों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।












