नई दिल्ली, 26 मई।
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सवाल उठाया कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ है तो इसका लाभ आम जनता को क्यों नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभाला था, उस समय भारतीय बास्केट का कच्चा तेल 108.05 डॉलर प्रति बैरल था और डॉलर के मुकाबले रुपया 58.59 के स्तर पर था, जबकि उस समय पेट्रोल 71.51 रुपये और डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।
खरगे ने आगे कहा कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 99 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है, इसके बावजूद देश में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 42.8 प्रतिशत और डीजल में करीब 67.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो आम जनता पर सीधा असर डाल रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवहन लागत बढ़ती है, खाद्य पदार्थ महंगे होते हैं और आम जीवन पर महंगाई का बोझ और अधिक बढ़ जाता है।















