बेंगलुरु, 09 जून।
कर्नाटक में राज्यसभा की चार रिक्त सीटों के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां चारों प्रमुख उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस के तीन और भाजपा के एक उम्मीदवार का नामांकन वैध पाए जाने के बाद अब मतदान की आवश्यकता नहीं रह गई है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार नाम वापसी की अंतिम अवधि समाप्त होने के बाद इस परिणाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। कांग्रेस ने अपने तीन उम्मीदवारों के रूप में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और वरिष्ठ नेता मंसूर अली खान को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने प्रोफेसर एम. नागराज को उम्मीदवार बनाया है।
मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें चारों उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए। इस बीच निर्दलीय उम्मीदवार भोजन्ना सोमन्ना का नामांकन पत्र आवश्यक अनुमोदकों के हस्ताक्षर न होने के कारण खारिज कर दिया गया।
कुल मिलाकर पांच नामांकन दाखिल हुए थे, लेकिन एक नामांकन रद्द होने के बाद केवल चार उम्मीदवार शेष रह गए, जबकि सीटें भी चार ही हैं। ऐसे में अब मतदान की स्थिति समाप्त हो गई है और सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
विधानसभा में कांग्रेस के संख्याबल को देखते हुए यह परिणाम पहले से ही लगभग स्पष्ट माना जा रहा था, जिसके अनुसार कांग्रेस को तीन और भाजपा को एक सीट मिलने की संभावना है।
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत 11 जून नाम वापसी की अंतिम तिथि है, जिसके बाद औपचारिक रूप से निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जाएगी।















