हैदराबाद, 25 मई ।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने और अपने परिवार के खिलाफ कथित रूप से चलाए जा रहे अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण अभियान को लेकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मीडिया संस्थानों और राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ सिटी सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
उन्होंने इस याचिका में गूगल, मेटा के फेसबुक और इंस्टाग्राम, एक्स समेत कई स्थानीय चैनलों सहित कुल 23 लोगों को प्रतिवादी बनाया है। मंत्री ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ राजनीतिक रूप से सुनियोजित तरीके से भ्रामक सामग्री फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
बंदी संजय कुमार ने कहा कि इस अभियान के कारण उन्हें मानसिक प्रताड़ना और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है, साथ ही उन्होंने अपने बेटे से जुड़े एक मामले पर चल रहे प्रचार पर भी आपत्ति जताई है और एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उन्हें गरिमा और प्रतिष्ठा का अधिकार प्राप्त है, लेकिन विभिन्न डिजिटल और मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी, अपमानजनक और भ्रामक सामग्री लगातार प्रकाशित की जा रही है।
मंत्री का कहना है कि सनसनीखेज लेखों, भ्रामक थंबनेल, मनगढ़ंत पोस्ट, अपमानजनक कैप्शन और वीडियो के जरिए उनके खिलाफ गलत धारणा बनाई जा रही है, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
याचिका में 50 एक्स लिंक, 99 इंस्टाग्राम पोस्ट और कई यूट्यूब लिंक का उल्लेख किया गया है, साथ ही उन अकाउंट्स का भी विवरण दिया गया है जिनसे यह सामग्री साझा की गई है, जिसमें राजनीतिक दलों और पत्रकारों के नाम भी शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया है कि यह ऑनलाइन अभियान उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामलों में जोड़कर बदनाम करने के लिए चलाया जा रहा है, जिससे उन्हें गंभीर मानसिक पीड़ा और अपूरणीय प्रतिष्ठात्मक नुकसान हो रहा है। इससे पहले भी वे इस मामले में सामग्री हटाने के निर्देश की मांग को लेकर अदालत का रुख कर चुके हैं।














