कोलकाता, 09 जून।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण को मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत 10 लाख आवासों के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राज्य के लिए कुल 1,700 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास पैकेज भी स्वीकृत किया गया है।
इस पैकेज में ग्रामीण सड़क निर्माण, रोजगार योजनाएं और पेंशन से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं, जिनसे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के अनुसार यह निर्णय हाल ही में राज्य में नई सरकार के गठन के बाद लिया गया है और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पीएमएवाई के तहत 10 लाख घरों की मंजूरी को केंद्र और राज्य के बीच लंबे समय से चल रहे फंड विवाद में एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2022 में कथित अनियमितताओं के कारण केंद्र ने इस योजना की फंडिंग रोक दी थी, जिसके बाद दोनों स्तरों पर राजनीतिक विवाद भी गहराया था।
विवाद के दौरान राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से लाखों आवास निर्माण का दावा किया था, जबकि केंद्र पर फंड रोकने का आरोप लगाया गया था। अब नई मंजूरी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों की उम्मीद फिर से बढ़ गई है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरदराज के गांवों में सड़क संपर्क बेहतर होने और आवागमन व व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
साथ ही मनरेगा के तहत 700 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है, जिससे 100 दिन के रोजगार कार्यक्रम को फिर से मजबूती मिलने की उम्मीद है। पंचायत विभाग के तहत विभिन्न ग्रामीण पेंशन योजनाओं के लिए 600 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं, जिससे वृद्ध, विधवा और अन्य लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर यह वित्तीय पैकेज पिछले वर्षों में पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी सहायता में से एक माना जा रहा है, जिससे रोजगार, आवास और बुनियादी ढांचे को नई दिशा मिलने की संभावना है।















