नई दिल्ली, 19 मार्च।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई, जबकि पश्चिम एशिया के तनाव और महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
वैश्विक शेयर बाजारों में आज कमजोरी का रुख दिखाई दे रहा है। अमेरिका के प्रमुख सूचकांकों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बना। हालांकि, शुरुआती कारोबार में डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखने को मिल रही है।
अमेरिका में बाजारों पर दबाव की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा, जहां ऊर्जा से जुड़े ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही, थोक महंगाई दर में उछाल ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया, जिससे प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
डाउ जॉन्स में 750 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं एस एंड पी 500 सूचकांक करीब 1.36 प्रतिशत गिरकर 6,624.71 अंक पर बंद हुआ। नैस्डेक भी लगभग 1.46 प्रतिशत टूटकर 22,152.42 अंक के स्तर पर आ गया। हालांकि, आज डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में हल्की मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।
यूरोप के बाजारों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई इंडेक्स करीब 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि जर्मनी का डीएएक्स और फ्रांस का सीएसी सूचकांक भी कमजोरी के साथ कारोबार समाप्त करने में सफल रहे।
एशियाई बाजारों की बात करें तो अधिकांश सूचकांक आज लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में से आठ में गिरावट दर्ज की जा रही है। इंडोनेशिया के बाजार में अवकाश होने के कारण वहां कारोबार नहीं हो रहा है।
गिफ्ट निफ्टी में भी करीब 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी जा रही है, जो भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत है। हांगकांग का हैंग सेंग, जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ताइवान का वेटेड इंडेक्स सभी में गिरावट का रुख बना हुआ है। इसके अलावा चीन का शंघाई कंपोजिट, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और थाईलैंड का सेट इंडेक्स भी दबाव में कारोबार कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई ने निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता को प्रभावित किया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।












