जौनपुर, 25 मार्च 2026।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बुधवार को संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के बैनर तले सैकड़ों पेंशनर्स ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
समिति के जिला संरक्षक सत्यदेव सिंह और जिला संयोजक उमा शंकर मिश्र ने बताया कि प्रस्तावित वित्त अधिनियम पेंशनभोगियों का वर्गीकरण कर उनके बीच असमानता पैदा करेगा। उनका आरोप है कि इसे बिना पूर्व सूचना के वित्त विधेयक के रूप में लोकसभा में पेश कर जल्दबाजी में पारित किया गया। इस अधिनियम के लागू होने पर पेंशनभोगियों की पात्रता उनकी सेवानिवृत्ति तिथि के आधार पर तय होगी, जिससे पुराने पेंशनर्स वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ नहीं पा सकेंगे।
समिति ने चेतावनी दी कि इससे पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान होगा और बढ़ती महंगाई के दौर में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। विभिन्न पेंशनर संगठनों ने इस मसले पर एकजुटता दिखाई और प्रस्तावित अधिनियम को वापस लेने की मांग की।
इसी बीच उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, लेकिन उनके नाम को शासनादेश में शामिल नहीं किया गया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें योजना में शामिल कर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।












