राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय जनजातीय समाज के लिए विकास का स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने बताया कि शासन की प्राथमिकता जनजातीय वर्ग के समग्र उत्थान, स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती पर केंद्रित है। केंद्र की योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान इस दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं। वे बुधवार को बिछिया विकासखंड के कन्हारीकला में आयोजित दुधारू पशु वितरण एवं स्वास्थ्य शिविर में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दूध का उपयोग पहले बच्चों के पोषण के लिए किया जाए और अतिरिक्त दूध बेचकर आय बढ़ाई जाए। पशुओं की देखभाल को उन्होंने अत्यंत जरूरी बताते हुए समय पर चारा, पानी और उपचार देने पर बल दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि प्रदेश में सिकलसेल जांच का व्यापक अभियान चल रहा है, जिसमें अब तक एक करोड़ 28 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। उन्होंने जेनेटिक कार्ड के माध्यम से बीमारी की रोकथाम का उपाय बताते हुए विवाह से पहले कार्ड मिलान की सलाह दी। साथ ही गर्भस्थ और जन्म के 72 घंटे के भीतर नवजात की जांच संभव होने की जानकारी दी और लोगों को इसके लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उन्होंने बैगा जनजातीय नृत्य की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य शिविर, पशु मेले और प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा गो-पूजन किया। इस दौरान स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और पर्यावरण के संतुलित विकास पर जोर देते हुए उन्होंने आंगनवाड़ी को बच्चों के विकास की पहली पाठशाला बताया। साथ ही जल संरक्षण और पौधारोपण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
आंगनवाड़ी में उनके आगमन पर उत्सव जैसा माहौल रहा। नन्ही बच्ची प्रिया भारतीय और राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने केक काटकर जन्मदिवस की खुशी साझा की। राज्यपाल ने परिसर में अशोक का पौधा भी रोपा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे जनजातीय समाज तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और किसानों को पशुपालन से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सिकलसेल जांच शिविरों से बढ़ती जागरूकता का उल्लेख करते हुए सभी से जांच कराने की अपील की।
पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने इस आयोजन को जनजातीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पशुपालन से बैगा परिवारों को रोजगार मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। दुग्ध उत्पादन को उन्होंने आय और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी बताते हुए पशुपालकों से टीकाकरण और बीमा पर ध्यान देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में बैगा समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक रूप से राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर मंडला, डिंडौरी और बालाघाट के कुल 94 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत पशु वितरित किए गए। साथ ही अन्य योजनाओं के अंतर्गत लाभ भी प्रदान किए गए।











