नई दिल्ली, 19 मार्च।
घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत भारी दबाव के साथ हुई, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती मिनटों में खरीदारी के प्रयास जरूर हुए, लेकिन जल्द ही बिकवाली हावी हो गई और बाजार फिर से नीचे की ओर फिसल गया। सुबह लगभग 10 बजे तक सेंसेक्स करीब 2.37 प्रतिशत और निफ्टी लगभग 2.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।
बाजार में आई इस गिरावट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 100 डॉलर के स्तर से ऊपर चला गया। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
शेयर बाजार में कमजोरी के चलते कारोबार शुरू होते ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब सात लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इससे निवेशकों को शुरुआती कारोबार में ही भारी झटका लगा।
बाजार में गिरावट का असर बड़े शेयरों पर भी दिखा। सीमित संख्या में ही शेयर हरे निशान में बने रहे, जबकि अधिकांश प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। बैंकिंग, फाइनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कई दिग्गज शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। सक्रिय रूप से कारोबार कर रहे अधिकांश शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि बहुत कम शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में रहे, जबकि निफ्टी के भी लगभग सभी शेयर दबाव में कारोबार करते दिखे।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 1,950 अंकों की गिरावट के साथ खुला। शुरुआती रिकवरी के बावजूद यह बढ़त टिक नहीं सकी और सूचकांक फिर नीचे आ गया। इसी तरह निफ्टी ने भी कमजोर शुरुआत की, थोड़ी देर संभलने के बाद इसमें दोबारा गिरावट तेज हो गई।
इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था, लेकिन आज के सत्र में हालात पूरी तरह बदल गए और बाजार में तेज गिरावट का माहौल बन गया।












