प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2024 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना पांच लाख रुपये तक के अस्पताल उपचार की सुविधा दी जाती है।
दो साल में बने 1.38 करोड़ स्वास्थ्य कार्ड
योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 1.38 करोड़ स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती के 23.46 लाख मामलों को मंजूरी दी गई है। इन आंकड़ों से वरिष्ठ नागरिकों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में योजना की भूमिका सामने आती है।
केंद्र सरकार के अनुसार, 5,668.80 करोड़ रुपये से अधिक के उपचार को मंजूरी मिलने से बुजुर्गों को अस्पताल में इलाज के खर्च से राहत मिल रही है।
देशभर के करीब छह करोड़ बुजुर्गों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
आयुष्मान वय वंदना योजना का संचालन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण करता है। यह आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार है।
इस पहल का उद्देश्य देशभर में लगभग 4.5 करोड़ परिवारों के करीब छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से बुजुर्गों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन से लेकर हृदय रोगों के उपचार तक विभिन्न चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
हृदय रोगों के उपचार के लिए 649 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर
योजना के तहत हृदय रोगों के उपचार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्नत हृदय चिकित्सा और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए 649 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को जरूरी उपचार उपलब्ध कराना और चिकित्सा खर्च के कारण उन पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।















