रिश्तों के सहारे ताकत का भ्रम पालने वाले एक साहब इन दिनों जमीन पर उतर आए हैं। चर्चाएं तेज हैं कि अब रवानी का वक्त है, लेकिन जुगाड़ की मशीन अभी भी चालू है—कहीं और “सेटिंग” की कोशिश जारी है। शुभचिंतक धीरे से कान में समझा रहे हैं—“यहां रिश्तेदारी नहीं, रिपोर्ट कार्ड चलता है।” परफॉर्मेंस की फाइल खाली हो, तो दबाव की फाइल भी ज्यादा देर नहीं टिकती।












