भोपाल, 4 अप्रैल 2026।
मध्यप्रदेश में एलपीजी गैस की किल्लत गंभीर रूप लेती जा रही है और सबसे अधिक परेशानी भोपाल और इंदौर में देखने को मिल रही है। घरेलू उपयोग के 14 किलो सिलेंडर समय पर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँच पाने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खाद्य विभाग ने फिलहाल 5 किलो के नए गैस कनेक्शन जारी करने का निर्णय लिया है। जब ऑनलाइन पोर्टल चालू होगा, तब इन कनेक्शनों को 14 किलो में बदल दिया जाएगा।
दरअसल, नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन पोर्टल बंद होने के कारण e-KYC और आवेदन प्रक्रिया ठप हो गई है। इससे कई शहरों में लोग नए कनेक्शन नहीं ले पा रहे और उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
ऑयल कंपनियों ने नई व्यवस्था लागू करते हुए ग्राहकों को SMS के माध्यम से बुकिंग कन्फर्मेशन और डिलीवरी की तारीख भेजने का निर्णय लिया है। संदेश में स्पष्ट निर्देश होंगे कि उपभोक्ता गैस एजेंसी पर न जाएँ और सिलेंडर सीधे उनके घर पहुँचाया जाएगा, ताकि भीड़ और अफरा-तफरी न हो।
शनिवार को अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी ने अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में सामने आया कि इंडेन कंपनी के उपभोक्ताओं को तकनीकी कारणों से अधिक परेशानी हो रही है, क्योंकि डीएसी नंबर जनरेट नहीं हो पा रहा और सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
ऑयल कंपनियों के नए नियमों से गैस एजेंसी संचालक भी परेशान हैं। भोपाल की चंद्रकांता गैस एजेंसी से पिछले साल के लगभग 1100 सिलेंडरों का हिसाब मांगा गया, जिससे सप्लाई प्रभावित हुई और एजेंसियों पर भीड़ बढ़ गई।
इधर, लालघाटी स्थित प्रियंका गैस एजेंसी पर सिलेंडर वितरण को लेकर उपभोक्ताओं और एजेंसी के बीच हंगामा हुआ। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उनका सिलेंडर डिलीवर होने का संदेश आया, लेकिन सिलेंडर उन्हें नहीं मिला। इस मामले में फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने जांच के आदेश दिए।
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों और अव्यवस्थाओं की खबरों के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने कई एजेंसियों का निरीक्षण कर स्टॉक और डिलीवरी व्यवस्था की समीक्षा की।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में एलपीजी की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। साथ ही, कालाबाजारी या मनमानी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई और सभी एसडीएम को नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।










