बैतूल, 31 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बैतूल में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में चार जिलों के 3.69 लाख संग्राहकों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि अंतरित की। इसके साथ ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक का काष्ठ लाभांश भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले को 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘सच्चा वादा-पक्का काम’ के संकल्प के साथ विकास और जनहित के कार्य कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी गई राशि उनके परिश्रम का सम्मान और उनका अधिकार है। प्रदेश में अब तक संग्राहकों को 80 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैतूल में जनजातीय बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से कन्या शिक्षा परिसर और छात्रावास का भूमि-पूजन किया गया है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देने के साथ किताबें, साइकिल, गणवेश और छात्रवृत्ति के माध्यम से सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 85 हजार युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्ति दी गई है और एक लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक नियुक्तियां हुई हैं। प्रदेश के एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है।
बैतूल के लिए प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने जिले में नल-जल योजनाओं के लिए 50 करोड़ रुपये, गीता भवन और हाट बाजार के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये तथा सड़क चौड़ीकरण के लिए 47 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। बैतूल में 70 करोड़ रुपये की लागत से चार जलाशय बनाए जाएंगे और 154 करोड़ रुपये की रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना विकसित होगी। घोड़ाडोंगरी में बैराज और जलाशय भी बनाए जाएंगे।
शासकीय हाईस्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 50 करोड़ रुपये तथा फुटबॉल टर्फ, इनडोर और आउटडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। बैतूल में जनजातीय संग्रहालय बनेगा। ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में सात करोड़ रुपये से सफारी गेट और तीन करोड़ रुपये से बटरफ्लाई पार्क विकसित किया जाएगा।
पर्यटन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू खामला में 15 करोड़ रुपये से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और कॉफी के बागान लगाए जाएंगे। बैतूल-मुलताई में 24 करोड़ रुपये के नए कारखाने स्थापित होंगे। बैतूल और मुलताई में औद्योगिक क्षेत्र तथा कुकरू खामला में ईको टूरिज्म से जुड़े कार्यों का भी भूमि-पूजन किया गया।
उन्होंने किसानों और जनजातीय परिवारों से पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। सरकार कोदो-कुटकी सहित मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। दूरस्थ गांवों तक बेहतर सड़क और ‘सुगम बसों’ की सुविधा पहुंचाने के साथ ग्रामीण संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री भी कराई जा रही है।
कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सदस्य माया नारोलिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
















