काठमांडू, 20 मार्च 2026।
नेपाल के दांग जिले के तुलसीपुर नगरपालिका के नवलपुर निवासी 26 वर्षीय मदन केसी ने शुक्रवार से नंगे पांव देश भ्रमण पर निकलकर ‘महान नेपाल यात्रा’ की शुरुआत की। उन्होंने यह यात्रा पांच वर्ष तक घर न लौटने के संकल्प के साथ शुरू की है और नेपाल के हर भू-भाग तक पैदल पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
मदन केसी ने लुम्बिनी स्थित मायादेवी मंदिर परिसर से यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने बताया कि उनके 68 वर्षीय पिता तेजु खत्री और 65 वर्षीय माता लक्ष्मी खत्री ने उन्हें आशीर्वाद दिया। उनका उद्देश्य हिमालय, पहाड़ और तराई मधेश के हर गांव, टोल और बस्ती तक पहुंचना है और नेपाली समाज को नजदीक से समझना है।
मदन के अनुसार यह यात्रा केवल व्यक्तिगत इच्छा नहीं है, बल्कि सामाजिक अभियान भी है। उनका कहना है कि नेपाल का इतिहास, राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक पहचान, जनचेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “मैं ‘नेपाल को जानें, नेपाल को जगाएं, नेपाल को बनाएं’ का संदेश लेकर निकला हूं। विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और जनभावनाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना मेरा मुख्य लक्ष्य है।”
मदन केसी की एक सात वर्षीय बेटी और दो वर्षीय बेटा है। उन्होंने बताया कि पत्नी ललिता केसी और परिवार की सहमति से यह अभियान शुरू किया गया है। पांच वर्ष तक घर से दूर रहने पर परिवार कैसे चलेगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पत्नी ने कहा, “आप निश्चिंत होकर यात्रा करें, घर मैं संभाल लूंगी। माता-पिता और बहन ने भी मेरा साथ दिया। परिवार के इसी सहयोग ने मुझे बड़ा हौसला दिया।”
यात्रा के पहले दिन उन्होंने लुम्बिनी के मायादेवी मंदिर परिसर में ही रुकने का निर्णय लिया। मदन ने कहा कि यह यात्रा केवल चलने के लिए नहीं, बल्कि आत्म-अनुभूति और सामाजिक संदेश के लिए है, इसलिए इसकी शुरुआत उन्होंने लुम्बिनी से की।












