भोपाल, 03 अप्रैल 2026।
भोपाल। रसोई गैस की आपूर्ति में चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने आम नागरिकों को राहत देने का बड़ा कदम उठाया है। करीब पांच साल के अंतराल के बाद प्रदेश में केरोसिन की आपूर्ति फिर से शुरू की जा रही है, जो रसोई गैस के विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, भारत सरकार ने प्रदेश को 10 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया है। वितरण पूरी तरह मांग आधारित होगा। जिलों के कलेक्टर जरूरत के हिसाब से मांग भेजेंगे और पात्र परिवारों को प्रति माह तीन लीटर तक केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
उज्ज्वला योजना के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से केरोसिन का वितरण बंद हो गया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और गैस की अनियमितता के कारण इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
वितरण व्यवस्था को दोबारा प्रभावी बनाने के लिए ऑयल कंपनियां सक्रिय हो गई हैं। पुराने नेटवर्क के साथ-साथ अब प्रत्येक जिले में चयनित पेट्रोल पंपों के माध्यम से भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। अनुमानित कीमत 65 से 70 रुपये प्रति लीटर तय की जा सकती है।
सरकार का मानना है कि यह कदम खासकर उन परिवारों के लिए राहतदायक होगा, जो गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत या सीमित उपलब्धता से प्रभावित हैं।











