रायसेन, 05 अप्रैल।
मध्य प्रदेश के रायसेन में तीन दिवसीय “उन्नत कृषि महोत्सव 2026 – प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण” का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को देश के शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन मिलेगा और पराली प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराना है। कार्यक्रम में रायसेन के दशहरा मैदान में सेमिनार हॉल‑1, हॉल‑2, हॉल‑3 और मुख्य हॉल में तीन दिनों तक विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें फसल प्रबंधन, डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, मधुमक्खी पालन, कृषि मशीनीकरण, दलहन फसलों की उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, बागवानी फसलें और पराली प्रबंधन के लिए “कचरे से कंचन” (वेस्ट‑टू‑वेल्थ) मॉडल शामिल हैं।
पहले दिन 11 अप्रैल को दोपहर सत्र में फसल कटाई के बाद प्रबंधन, कृषि अवसंरचना कोष का उपयोग, उन्नत कृषि, डिजिटल कृषि, AI आधारित समाधान और कृषि आय बढ़ाने के उपाय जैसे विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही, नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से किसानों को व्यावहारिक संदेश भी दिए जाएंगे।
दूसरे दिन 12 अप्रैल को एफपीओ मीट, मृदा स्वास्थ्य, संरक्षित खेती, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एकीकृत कृषि प्रणाली, पोषक तत्व प्रबंधन, फूल और सब्जियों की वैज्ञानिक खेती, कीट प्रबंधन, बायो-पेस्टीसाइड, नर्सरी प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, हाइड्रोपोनिक्स, प्रिसिजन और वर्टिकल फार्मिंग पर विशेष सत्र होंगे।
तीसरे दिन 13 अप्रैल को KVK सम्मेलन, धान बीज प्रणाली, मत्स्यपालन, मोतीपालन, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड पर चर्चा होगी। दोपहर सत्र में जलवायु आधारित डेयरी संवर्धन, धान की सीधी बुआई, मुर्गीपालन, बकरीपालन और “धरती बचाओ” विषय पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से टिकाऊ खेती का संदेश दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पराली प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा और “कचरे से कंचन” मॉडल से किसानों को यह सिखाया जाएगा कि कृषि अपशिष्ट को जलाने की बजाय खाद, ऊर्जा और अतिरिक्त आय में कैसे बदला जा सकता है। ICAR और कृषि मंत्रालय द्वारा तकनीकी संदेशों को सरल रूप में किसानों तक पहुँचाने के लिए नुक्कड़ नाटक की स्क्रिप्ट तैयार की गई है।
महोत्सव में ICAR के मृदा परीक्षण, ड्रोन, हाइड्रोपोनिक्स और समेकित कृषि प्रणाली के लाइव मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। किसानों के मिट्टी नमूनों का परीक्षण कर उचित फसल और पोषक तत्व प्रबंधन की योजना बनाई जाएगी। उन्नत नर्सरी प्रबंधन, हाई‑टेक हॉर्टिकल्चर, ड्रोन तकनीक और नैनो‑उर्वरक छिड़काव के माध्यम से किसानों को कम लागत और सटीक कृषि की जानकारी दी जाएगी।
विभिन्न राज्यों के प्रगतिशील किसानों और वैज्ञानिकों के अनुभव साझा सत्रों में सफल प्रयोग, नवाचार और बाजार से जुड़ाव के व्यावहारिक उदाहरण रखे जाएंगे। मंत्री चौहान ने कहा कि यह तीन दिवसीय महोत्सव किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और उनकी कृषि को नई दिशा देने का बड़ा अवसर है।


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