06 अप्रैल, भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़ा तालाब अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार सुबह से कड़ा अभियान शुरू किया। भदभदा क्षेत्र में जेसीबी मशीनों के साथ पहुंची टीम ने पहले दिन 9 दुकानों को हटाकर कार्रवाई की शुरुआत की। प्रशासन ने तालाब के आसपास कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिन्हें अगले 15 दिनों में हटाने का लक्ष्य रखा गया है।
वेटलैंड नियमों के तहत प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च 2022 के बाद हुए सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे और उन्हें हटाया जाएगा। फुल टैंक लेवल से 50 मीटर के दायरे में किए गए अतिक्रमण पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
अतिक्रमणों का सर्वे पिछले दो महीनों से चल रहा था। टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा कब्जे पाए गए, जबकि बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र भी अतिक्रमण से प्रभावित हैं। नोटिस जारी होने के बाद कई लोगों ने खुद ही अपने निर्माण हटाना शुरू कर दिया। भदभदा क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा होने पर पुलिस बल तैनात किया गया।
तारीखवार अभियान का शेड्यूल:10 अप्रैल: हलालपुरा – चिन्हित कब्जों पर कार्रवाई11 अप्रैल: बैरागढ़ – काशियाना बंगले के पीछे12-13 अप्रैल: सेवनिया गोंड – सरकारी व निजी जमीन15-16 अप्रैल: बैरागढ़ – मकान व मैरिज गार्डन17 अप्रैल: हुजूर तहसील – सरकारी भूमि18-19 अप्रैल: टीटी नगर – शेष कब्जे20 अप्रैल: बैरागढ़ – शेष अतिक्रमण21 अप्रैल: हुजूर तहसील – अंतिम कार्रवाई
सीमांकन के दौरान वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में करीब 2.5 किमी में 100 से अधिक पिलर लगाए जाने की जानकारी मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्माण भी वेटलैंड नियमों का उल्लंघन कर सकता है। पर्यावरणविद् राशिद नूर ने इसे गंभीर मामला बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में उठाने की तैयारी की जानकारी दी।


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