बिलासपुर, 26 मार्च 2026।
बिलासपुर के कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर अलर्ट जारी किया गया, लेकिन इस बीच कई लापरवाहियों से संक्रमण का खतरा और बढ़ गया। हजारों मुर्गियों की मौत और मृत पक्षियों का खुले में फेंकना गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, पोल्ट्री फार्म में 16-17 मार्च के आसपास मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआत में करीब 100 मृत पक्षियों को मौसम परिवर्तन का असर मानकर नजरअंदाज किया गया। मृत पक्षियों का सही समय पर परीक्षण न होने के कारण संक्रमण छह दिन तक अनियंत्रित रहा। इसके बाद सैंपल जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।
संक्रमण की पुष्टि होने पर प्रशासन ने कोनी पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र और 10 किलोमीटर तक के इलाके को निगरानी जोन घोषित किया। इस क्षेत्र में पक्षियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई। लगभग 22 हजार पक्षियों और 25 हजार अंडों को नष्ट किया गया, साथ ही 79 क्विंटल चारा और हैचरी से जुड़ी सामग्री भी खत्म की गई।
हालांकि, खमतराई इलाके में मरे हुए मुर्गियों को खुले में फेंकने और मौत के बावजूद अंडों और चूजों की सप्लाई जारी रहने जैसी लापरवाहियां सामने आई हैं। पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक जीएसएस तंवर ने स्वीकार किया कि 14 मार्च के बाद भी सप्लाई जारी रही और मरे हुए मुर्गियों को फेंकने वालों की पहचान कठिन हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे कर रही हैं। कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क को 25 मार्च से एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है। डोर-टू-डोर जांच के दौरान कुछ लोगों में सर्दी-खांसी जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि फिलहाल लक्षण दिखने पर ही सैंपल जांच की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन लापरवाहियां चिंता बढ़ा रही हैं।












