नई दिल्ली, 16 मई।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए नई तीन भाषा व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई प्रणाली के तहत छात्रों को अब तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था इसी वर्ष 1 जुलाई से लागू की जाएगी।
बोर्ड की ओर से 15 मई को जारी परिपत्र में यह निर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम 2023 के अनुरूप बताया गया है। यह बदलाव 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए नवीनतम एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की समीक्षा के बाद लागू किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें न्यूनतम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी। हालांकि कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीसरी भाषा का मूल्यांकन पूरी तरह विद्यालय स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा। छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख प्रमाणपत्र में किया जाएगा, लेकिन किसी भी विद्यार्थी को तीसरी भाषा के आधार पर बोर्ड परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही विदेशी भाषाओं को केवल तीसरी या वैकल्पिक चौथी भाषा के रूप में ही चुना जा सकेगा। बोर्ड ने यह भी कहा है कि नई व्यवस्था के क्रियान्वयन के दौरान कक्षा 9 के विद्यार्थी फिलहाल कक्षा 6 की तीसरी भाषा की पुस्तकों से अध्ययन करेंगे। जिन विद्यालयों में भाषा शिक्षकों की कमी होगी, वहां ऑनलाइन शिक्षण, संसाधनों का साझा उपयोग और सेवानिवृत्त शिक्षकों की सहायता जैसी व्यवस्थाएं अपनाई जाएंगी।









