पूर्वी सिंहभूम, 16 मई।
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कोल्हान विश्वविद्यालय में कुरमाली भाषा के लिए शैक्षणिक पदों के सृजन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
यह पहल आदिवासी कुड़मी समाज केंद्रीय समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर की गई है, जिसमें कुरमाली भाषा के शिक्षण ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभाग तथा अंगीभूत महाविद्यालयों में लंबे समय से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुरमाली भाषा का अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस विषय में पर्याप्त शैक्षणिक पदों का सृजन नहीं हो पाया है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूर्व में पद सृजन का निर्णय लिया गया था, जिसमें कुरमाली भाषा भी शामिल थी, लेकिन हाल ही में जारी विभागीय संकल्प में इस भाषा के पदों का स्पष्ट उल्लेख नहीं होना चिंता का विषय है।
विधायक ने आगे कहा कि कुरमाली झारखंड की द्वितीय राजभाषा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मातृभाषा आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करती है, ऐसे में विद्यार्थियों के हित में शीघ्र पद सृजन और आवश्यक संशोधन किया जाना जरूरी है।














.jpg)
.jpg)