पूर्वी सिंहभूम, 15 मई।
कोल्हान विश्वविद्यालय में राज्य सरकार के निर्देश पर लागू किए गए क्लस्टर सिस्टम के विरोध में शुक्रवार को छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने साकची स्थित ग्रेजुएट कॉलेज के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस आंदोलन में जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज और ग्रेजुएट कॉलेज के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही, जहां छात्र संघ नेताओं के साथ सैकड़ों विद्यार्थी एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल हुए। विरोध कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय की इस व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताई और इसे छात्र हितों के खिलाफ बताया।
प्रदर्शन कर रहे छात्र हिमांशु शेखर, खलखो पूर्ति सहित अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि क्लस्टर सिस्टम लागू होने के बाद जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई बंद कर दी गई है, जिससे छात्रों को मजबूरी में एलबीएसएम कॉलेज और को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थानांतरित किया जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि कदमा और मानगो जैसे क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वर्कर्स कॉलेज ही सबसे सुविधाजनक सरकारी कॉलेज था, लेकिन अब उन्हें 8 से 10 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जो आर्थिक रूप से अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है।
धरना दे रहे विद्यार्थियों ने यह भी चिंता जताई कि एक ही डिग्री और मार्कशीट में अलग-अलग कॉलेजों के नाम दर्ज होने से भविष्य में नौकरी के समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बिना पर्याप्त तैयारी के निर्णय लेकर विद्यार्थियों के भविष्य को संकट में डालने का आरोप लगाया है और मांग की है कि वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई दोबारा शुरू की जाए तथा क्लस्टर सिस्टम में आवश्यक संशोधन किया जाए।















