हैदराबाद, 15 मई।
आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले के पुट्टपर्थी में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने करीब 16 हजार करोड़ रुपये की एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की आधारशिला रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश भी उपस्थित रहे।
सरकारी जानकारी के अनुसार इस बड़ी परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 15,803 करोड़ रुपये है, जिससे करीब 7,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के साथ-साथ ड्रोन सिटी परियोजना का भी शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने रक्षा उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें आधुनिक मिसाइलें, हैंड ग्रेनेड, उन्नत हथियार, फाइटर जेट प्रोटोटाइप और स्वदेशी रक्षा उपकरण प्रदर्शित किए गए। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति प्रदान करेगी।
एएमसीए परियोजना भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का दो इंजन वाला स्टील्थ मल्टीरोल लड़ाकू विमान कार्यक्रम है, जिसे भारतीय वायुसेना और नौसेना की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है और इसका नेतृत्व वैमानिकी विकास एजेंसी कर रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस विमान को अमेरिका के एफ-35, चीन के जे-20 और रूस के एसयू-57 जैसे आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमानों की क्षमताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें सुपरक्रूज क्षमता, इंटरनल वेपन्स बे, उन्नत सेंसर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और कम रडार पहचान जैसी विशेषताएं शामिल होंगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना के तहत इंटीग्रेशन, परीक्षण, सत्यापन और प्रमाणन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे कार्यक्रम की गति तेज होगी, जबकि पहला प्रोटोटाइप वर्ष 2028 तक तैयार होने की संभावना है और इसे वर्ष 2035 तक वायुसेना के स्क्वाड्रन में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ कार्यक्रम के विकास को निर्णायक गति प्रदान करेगी।














