चेन्नई, 15 मई।
तमिलनाडु में औद्योगिक विकास और निवेश को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को चेन्नई सचिवालय में देश-विदेश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों और उद्योग संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में राज्य को प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने, नए निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने बीएमडब्ल्यू और टीवीएस मोटर कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से अलग-अलग बातचीत कर राज्य में पहले से प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही भविष्य में संभावित निवेश योजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया और औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि निवेशकों को तेज गति से मंजूरी मिल सके और उद्योग स्थापना में कोई बाधा न आए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर परिवहन व्यवस्था और उद्योग-हितैषी नीतियां सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए राज्य और अधिक आकर्षक बन सके।
बैठक में भारतीय उद्योग परिसंघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें दक्षिणी क्षेत्र के अध्यक्ष पी. रविचंद्रन, तमिलनाडु अध्यक्ष सी. देवराजन, उपाध्यक्ष जे. मुरुगवेल, पूर्व अध्यक्ष एम. पोनुसामी, तमिलनाडु के पूर्व अध्यक्ष शंकर वानवरायर तथा निदेशक एवं अध्यक्ष पी. जयकृष्णन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में राज्य सरकार और उद्योग परिसंघ के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी। साथ ही औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन, कौशल विकास और नीतिगत सहयोग जैसे विषयों पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि तमिलनाडु देश के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों में से एक बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल और विनिर्माण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है, जहां मजबूत औद्योगिक ढांचा, कुशल मानव संसाधन और बंदरगाह जैसी सुविधाएं निवेश को लगातार आकर्षित कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में रोजगार और तकनीकी विकास को और गति मिलने की संभावना है।














