सासन गिर, 14 मई।
गुजरात के सासन गिर में ‘लायन’ प्रजाति केंद्रित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे अंतरराष्ट्रीय बिग कैट गठबंधन शिखर सम्मेलन 2026 की पूर्व शृंखला के तहत आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने किया, जबकि गुजरात के मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से इसकी अध्यक्षता की। कार्यक्रम में राज्य के वन मंत्री, राज्य मंत्री सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा आईबीसीए से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि इसी सोच के चलते बिग कैट संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की स्थापना संभव हुई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से गिर क्षेत्र में एशियाई शेरों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है और यह क्षेत्र संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। साथ ही उन्होंने बताया कि आर्थिक विकास और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने का यह क्षेत्र एक आदर्श उदाहरण है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत 1 से 2 जून 2026 को नई दिल्ली में पहला आईबीसीए शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि सासन गिर भारत की जैव विविधता और संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है तथा एशियाई शेर केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश की शान और विरासत का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि एशियाई शेरों की सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें जनगणना, राष्ट्रीय वन्यजीव केंद्र और नए संरक्षण क्षेत्र का विकास शामिल है।

मंत्री ने कहा कि ‘लायन’ स्पॉटलाइट कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर शेर संरक्षण की स्थिति, भारत की उपलब्धियां और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि शेर पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी संख्या में गिरावट चिंता का विषय है, जबकि भारत में गिर क्षेत्र में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।
उन्होंने जानकारी दी कि 2025 में ग्रेटर गिर क्षेत्र में शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है, जो 2020 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। शेरों को भारत में सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है और ‘प्रोजेक्ट लायन’ के माध्यम से उनके आवास, प्रबंधन और संरक्षण को सुदृढ़ किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान शेर संरक्षण पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया गया तथा बिग कैट संरक्षण से जुड़ी प्रस्तुतियां और शैक्षिक फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिनमें क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र भी उपस्थित रहे।














