मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के वर्तमान समय में पेट्रोल और डीजल जैसे बहुमूल्य संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री साय ने बुधवार को कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से सीधे जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार शासकीय स्तर पर ईंधन खपत को कम करने तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके आधिकारिक दौरों के दौरान अब केवल अनिवार्य वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा, साथ ही मंत्रियों एवं विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी संसाधनों और वाहनों के सीमित उपयोग का आग्रह किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत सभी शासकीय वाहनों को चरणबद्ध रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल ईंधन की बचत में सहायक होगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें, कारपूलिंग को अपनाएं तथा अनावश्यक निजी वाहनों के प्रयोग से बचें। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव बड़े सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं और यदि प्रत्येक नागरिक इसे जिम्मेदारी के रूप में अपनाए तो यह एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि नेशन फर्स्ट की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना आज की आवश्यकता है और प्रत्येक जागरूक नागरिक का योगदान देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं आर्थिक मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।










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