शिमला, 13 मई।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट की आशंका के बीच हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने ईंधन बचत को लेकर कई अहम निर्णय लागू किए हैं। उन्होंने अपने सरकारी काफिले में शामिल वाहनों की संख्या आधी करने के निर्देश जारी किए हैं और साथ ही सरकारी हेलिकॉप्टर के उपयोग पर भी अस्थायी रोक लगा दी है।
राज्यपाल ने लोक भवन में बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री की ईंधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील के अनुरूप राज्य में भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत लोक भवन को “ईंधन संरक्षण क्षेत्र” घोषित किया गया है, जहां हर रविवार को किसी भी सरकारी वाहन में पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं किया जाएगा। इस दिन अधिकांश सरकारी कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या सीमित संयुक्त यात्रा व्यवस्था के माध्यम से किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि गैर-आवश्यक बैठकों को अब ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा, जिससे अनावश्यक यात्रा और ईंधन खर्च में कमी लाई जा सके। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी अधिक होती है, इसलिए वे स्वयं भी अपने काफिले को सीमित कर रहे हैं और हेलिकॉप्टर का उपयोग तब तक नहीं करेंगे जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन कीमतों में स्थिरता नहीं आती।
इसके साथ ही राज्यपाल ने नागरिकों से कारपूलिंग अपनाने, सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईंधन बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होने के नाते उन्होंने सभी कुलपतियों को निर्देश दिए कि परिसरों में ऊर्जा और ईंधन संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही उन्होंने युवाओं और छात्रों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश हमेशा राष्ट्रीय हित के मुद्दों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और आगे भी निभाता रहेगा।










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