कोलकाता, 15 मई।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में पहुंचीं। वह वकील की वेशभूषा में अदालत परिसर में उपस्थित नजर आईं, जिससे वहां मौजूद लोगों और अधिवक्ताओं के बीच हलचल मच गई।
सुबह करीब 11 बजे ममता बनर्जी अचानक उच्च न्यायालय परिसर पहुंचीं। काले गाउन में उनकी उपस्थिति ने अदालत परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बताया गया कि वह चुनाव बाद हिंसा से जुड़े एक जनहित याचिका मामले में पक्ष रखने के लिए वहां पहुंची थीं।
यह मामला मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। इसी मामले में अपनी दलील प्रस्तुत करने के उद्देश्य से ममता बनर्जी अदालत में उपस्थित हुईं।
राज्य में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा और तनाव की घटनाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए थे। इन्हीं घटनाओं से संबंधित याचिका तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी के पुत्र और अधिवक्ता शीर्षान्य बनर्जी द्वारा उच्च न्यायालय में दायर की गई है।
सुनवाई शुरू होने से पहले ही ममता बनर्जी अदालत कक्ष में पहुंच चुकी थीं। अदालत परिसर में उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में व्यापक चर्चा देखी गई। इससे पहले भी एसआईआर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान वह उच्चतम न्यायालय में भी उपस्थित हो चुकी हैं।











