बीजिंग, 14 मई।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, जो चीन-अमेरिका संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में शुरू हुई द्विपक्षीय बैठक से पहले प्रारंभिक संबोधन के दौरान कही। शी ने यह भी कहा कि दुनिया इस समय एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रही है।
इस उच्चस्तरीय मुलाकात का गवाह जनता का महा सभागार बना, जहां दोनों नेताओं के बीच औपचारिक बातचीत की शुरुआत हुई। स्वागत से उत्साहित नजर आए ट्रंप ने बैठक से पहले दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से भी मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेता लाल कालीन से गुजरते हुए सुनहरे और लाल रंग से सजे एक ढके हुए मंच तक पहुंचे।
समारोह के दौरान सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान प्रस्तुत किए, वहीं तियानमेन चौक के पास तोपों की सलामी भी दी गई। इस दौरान दोनों नेताओं ने सैनिकों का निरीक्षण किया और फिर बच्चों की भीड़ के बीच से गुजरते हुए आगे बढ़े। कई अवसरों पर ट्रंप और शी ने एक-दूसरे के प्रति स्नेह जताते हुए हाथ पर हाथ रखा।
दोनों नेताओं के बीच अब विस्तृत वार्ता शुरू हो चुकी है, जिसमें तकनीक, व्यापार और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। माना जा रहा है कि इन वार्ताओं का परिणाम आने वाले वर्षों में दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के संबंधों की दिशा तय कर सकता है।
इसी बीच पश्चिम एशिया में संभावित संघर्ष और उसके बाद उत्पन्न ऊर्जा संकट भी इस यात्रा के प्रमुख संदर्भ के रूप में सामने आया है। उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप चीन से आग्रह करेंगे कि वह अपने सहयोगी देश ईरान पर दबाव बनाए, ताकि वह शांति समझौते के लिए तैयार हो और होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोला जा सके, जो तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस यात्रा में ट्रंप के साथ कई शीर्ष अधिकारी और प्रमुख उद्योगपति शामिल हैं, जिनमें टिम कुक और एलन मस्क भी मौजूद हैं।













