नई दिल्ली, 14 मई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उभरते बाजारों और विकासशील देशों में यह अपेक्षा बढ़ रही है कि ब्रिक्स समूह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक रचनात्मक और स्थिरता प्रदान करने वाली भूमिका निभाए। उन्होंने यह बात भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन संबोधन में कही।
बैठक का आयोजन भारत मंडपम में किया जा रहा है, जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ राजनयिक भाग ले रहे हैं। बैठक की शुरुआत से पहले विदेश मंत्री ने सभी प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में जयशंकर ने भारत की अध्यक्षता को समर्थन देने और ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने में भागीदार देशों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़े बदलाव और अनिश्चितताओं का दौर है, जहां कई संघर्ष, आर्थिक अस्थिरता तथा व्यापार, तकनीक और जलवायु से जुड़ी चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में विकासशील देशों की यह अपेक्षा बढ़ रही है कि ब्रिक्स वैश्विक स्थिरता और सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाए। जयशंकर ने कहा कि बैठक सदस्य देशों को वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और सहयोग को सुदृढ़ करने के व्यावहारिक उपाय तलाशने का अवसर प्रदान कर रही है।
विदेश मंत्री ने विकास से जुड़े मुद्दों को ब्रिक्स एजेंडा का केंद्रीय हिस्सा बताते हुए कहा कि कई देश ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, स्वास्थ्य सेवाओं और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स इन चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकता है और आर्थिक लचीलापन तथा विविधीकृत बाजार इसकी प्रमुख जरूरत हैं।
जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सतत विकास को बढ़ावा देते हुए समानता और सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों के सिद्धांतों का पालन आवश्यक है।
उन्होंने तकनीकी प्रगति को वैश्विक शासन में एक महत्वपूर्ण कारक बताते हुए कहा कि नवाचार का उपयोग समावेशी विकास और बेहतर शासन व्यवस्था के लिए किया जाना चाहिए।
वैश्विक संघर्षों और सुरक्षा मुद्दों का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के केंद्र में हैं और हालिया संघर्ष संवाद और कूटनीति की आवश्यकता को और मजबूत करते हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को भी आवश्यक बताया।
भारत की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधिमंडलों के बीच खुले और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दूसरे दिन “ब्रिक्स@20: रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” विषय पर चर्चा होगी, जिसके बाद वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार पर विचार किया जाएगा।












