भोपाल, 14 मई।
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान लगातार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रहा है। बुधवार को मालवा-निमाड़ क्षेत्र सहित इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी और लू का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया। छतरपुर के खजुराहो में सर्वाधिक 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिनों तक प्रदेश का बड़ा हिस्सा हीट वेव की चपेट में रहने की संभावना है। गुरुवार को इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में रात के समय भी गर्म हवाओं के कारण राहत नहीं मिलेगी और वॉर्म नाइट की स्थिति बनी रहेगी। साथ ही झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ में भी गर्म हवाओं के चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई जिलों में भी तेज गर्मी का अनुमान व्यक्त किया है। शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच सकता है।
बुधवार को प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो सबसे अधिक गर्म रहा, जबकि रतलाम में 45.2 डिग्री और धार में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में 44.7 डिग्री, गुना में 44.6 डिग्री, श्योपुर और सागर में 44.4 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 44.2 डिग्री, खंडवा में 44.1 डिग्री तथा दमोह में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। प्रदेश के प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। भोपाल में 43.2 डिग्री, इंदौर में 43.6 डिग्री, ग्वालियर में 42 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
हालांकि अत्यधिक गर्मी के बीच कुछ क्षेत्रों में मौसम में परिवर्तन भी देखा गया। जबलपुर और सिवनी में बारिश दर्ज की गई, जबकि पांढुर्णा में ओलावृष्टि हुई। कई जिलों में तेज हवाओं का असर भी बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार 17 मई तक प्रदेश में गर्मी का प्रभाव तीव्र बना रहेगा। विशेष रूप से इंदौर और उज्जैन संभाग में लू का असर अधिक रहने की संभावना है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी हीट वेव की चेतावनी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था। 10 मई तक लगातार कई दिनों तक बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का प्रभाव बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय गतिविधियों और ट्रफ सिस्टम के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव देखा गया। हालांकि अब बारिश का दौर समाप्त होने के बाद प्रदेश में गर्मी ने अचानक तीव्र रूप धारण कर लिया है।













