नई दिल्ली, 14 मई।
घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कच्ची, सफेद तथा रिफाइंड चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लागू कर दी है, जो सितंबर तक प्रभावी रहेगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने 13 मई की देर रात इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के अनुसार चीनी निर्यात नीति में संशोधन करते हुए सरकार ने आईटीसी (एचएस) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के अंतर्गत आने वाली चीनी को अब प्रतिबंधित श्रेणी से हटाकर निषिद्ध श्रेणी में शामिल कर दिया है। इस निर्णय के तहत कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी का निर्यात पूर्ण रूप से रोक दिया गया है।

हालांकि यह रोक यूरोपीय संघ और अमेरिका को सीएक्सएल तथा टीआरक्यू कोटे के अंतर्गत होने वाले निर्यात, एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत शिपमेंट तथा अन्य देशों की खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए सरकार-से-सरकार आधार पर किए जाने वाले निर्यात पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा पहले से निर्यात प्रक्रिया में शामिल खेपों को भी इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस प्रतिबंध को सितंबर के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया, तो निर्यात नीति पुनः प्रतिबंधित श्रेणी में लौट आएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार ने मिलों को 1.59 मिलियन टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। लगातार दूसरे वर्ष उत्पादन खपत से कम रहने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में पैदावार कमजोर रही है। भारत, ब्राजील के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है।














