नई दिल्ली, 12 मई।
देश में खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2026 में मामूली बढ़त के साथ 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मार्च में दर्ज 3.40 प्रतिशत की तुलना में थोड़ी अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में यह संकेत दिया गया है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इस हल्की वृद्धि का प्रमुख कारण रही है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में महंगाई दर 3.74 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 3.16 प्रतिशत दर्ज की गई। खाद्य महंगाई भी बढ़कर 4.20 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि मार्च में यह 3.87 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 4.26 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.10 प्रतिशत रही।
कुछ वस्तुओं के दामों में गिरावट भी दर्ज की गई है, जिनमें आलू में 23.69 प्रतिशत, प्याज में 17.67 प्रतिशत, मोटर कार और जीप में 7.12 प्रतिशत, मटर-चना में 6.75 प्रतिशत तथा एयर कंडीशनर में 5.06 प्रतिशत की कमी शामिल है।
इसके विपरीत कई वस्तुओं के दामों में तेज वृद्धि देखने को मिली, जिनमें चांदी की ज्वेलरी में 144.34 प्रतिशत, नारियल में 44.55 प्रतिशत, सोना-चांदी-प्लेटिनम ज्वेलरी में 40.72 प्रतिशत, टमाटर में 35.28 प्रतिशत और फूलगोभी में 25.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्षेत्रवार आंकड़ों में फूड और बेवरेज में 4.01 प्रतिशत, पान-तंबाकू और नशीले पदार्थों में 4.76 प्रतिशत, कपड़े और जूते में 2.80 प्रतिशत, स्वास्थ्य में 1.64 प्रतिशत, सूचना एवं संचार में 2.11 प्रतिशत तथा शिक्षा क्षेत्र में 3.15 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई।
राज्यों के स्तर पर तेलंगाना में 5.81 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 4.20 प्रतिशत, तमिलनाडु में 4.18 प्रतिशत और कर्नाटक में 4.00 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई।
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। आरबीआई के अनुसार रबी फसल की अच्छी पैदावार से खाद्य आपूर्ति मजबूत रहने की संभावना है, हालांकि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से कुछ दबाव बना रह सकता है।








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