नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
फिनटेक क्षेत्र की कंपनी ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का 925.92 करोड़ रुपये का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक 5 मई तक इसमें बोली लगा सकेंगे। इसके बाद 6 मई को शेयरों का आवंटन तय किया जाएगा, जबकि 7 मई को शेयर निवेशकों के डिमैट खाते में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की 8 मई को बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग की संभावना है। बाजार बंद होने तक इस इश्यू को 24 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन प्राप्त हो चुका था।
किश्त ब्रांड के तहत कार्यरत इस कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 162 रुपये से 171 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है, जबकि लॉट साइज 87 शेयर का रखा गया है। रिटेल निवेशक न्यूनतम एक लॉट यानी 87 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए 14,877 रुपये का निवेश आवश्यक होगा। अधिकतम 13 लॉट यानी 1,131 शेयरों के लिए 1,93,401 रुपये तक निवेश किया जा सकता है।
इस इश्यू के तहत कुल 5,41,47,390 शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी फेस वैल्यू 1 रुपये है और कुल आकार 925.92 करोड़ रुपये है। इसमें लगभग 850 करोड़ रुपये मूल्य के 4,97,07,602 नए शेयर शामिल हैं, जबकि शेष 44,39,788 शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बेचे जा रहे हैं। आईपीओ से एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए 278 करोड़ रुपये जुटाए, जिनमें एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स और सिटीग्रुप जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। इसके अलावा रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर तथा केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का लाभ विभिन्न वर्षों में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत स्थिति में रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में शुद्ध लाभ 27.67 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 197.29 करोड़ रुपये हो गया, जबकि 2024-25 में यह घटकर 160.62 करोड़ रुपये रहा। वहीं 2025-26 के पहले नौ महीनों में कंपनी का शुद्ध लाभ 199.27 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
राजस्व की बात करें तो वित्त वर्ष 2022-23 में 1,001.51 करोड़ रुपये, 2023-24 में 1,700.30 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,352.69 करोड़ रुपये रहा। वहीं 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर तक की अवधि में यह 1,583.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी पर कर्ज का बोझ भी समय के साथ बढ़ा है। 2022-23 में 387.89 करोड़ रुपये, 2023-24 में 784.30 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,507.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2025-26 के नौ महीनों में यह बढ़कर 2,047.52 करोड़ रुपये हो गया।
नेटवर्थ के आंकड़े भी बढ़ोतरी दर्शाते हैं, जो 2022-23 में 566.23 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 के नौ महीनों में 1,254.34 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी अवधि में रिजर्व और सरप्लस भी 556.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,242.32 करोड़ रुपये हो गया।
ईबीआईटीडीए 2022-23 में 97.71 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 358.96 करोड़ रुपये और 2024-25 में 403.37 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2025-26 के पहले नौ महीनों में यह 488.45 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।



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