नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
भारतीय मुद्रा में कमजोरी का दौर जारी है और गुरुवार को रुपया 49 पैसे की गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 95.34 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, महीने के अंतिम दिन आयातकों की बढ़ी डॉलर मांग और विदेशी निवेशकों द्वारा शेयर बाजार से पूंजी निकासी के कारण रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इसी दबाव के चलते इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया एक बार फिर 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर के नीचे फिसल गया। 30 मार्च के बाद यह पहला अवसर है जब रुपया इस स्तर से नीचे पहुंचा है। सुबह 11 बजे तक के कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 45 पैसे कमजोर होकर 95.30 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। पिछले कारोबारी दिन बुधवार को यह 94.85 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
गुरुवार को रुपया शुरुआती कारोबार में ही 95 रुपये के स्तर को पार कर गया था और शुरुआत से ही इस स्तर से ऊपर बना रहा। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये ने 17 पैसे यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.02 प्रति डॉलर के स्तर से कारोबार शुरू किया था। इसके बाद पूरे सत्र के दौरान रुपये में लगातार कमजोरी बढ़ती रही।
मुद्रा बाजार में अब तक के कारोबार के दौरान रुपये ने डॉलर के अलावा अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भी कमजोरी दिखाई है। सुबह 11 बजे तक के कारोबार में यूरो के मुकाबले रुपया 22.45 पैसे गिरकर 111.16 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले भी रुपया 28.22 पैसे कमजोर होकर 128.36 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया।






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