ग्वालियर, 12 मई।
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन व्यवस्था की जांच के दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान ने लक्ष्मीगंज मंडी स्थित सीडब्ल्यूसी गोदाम परिसर में संचालित उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जहां अव्यवस्था मिलने पर उन्होंने सख्त कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारों पर अनुशासनात्मक कदम उठाए।
निरीक्षण के दौरान हरिलीला सहकारी समिति द्वारा संचालित केंद्र पर तौल-कांटों की कमी सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई और समिति प्रबंधक रामकृष्ण साहू को निलंबित करने के आदेश दिए, साथ ही खरीदी प्रभारी का वेतन काटने और नोडल अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश जारी किए।
कलेक्टर ने पाया कि कम तौल-कांटों के कारण किसानों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी, जिस पर उन्होंने तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए और केंद्र पर पर्याप्त संख्या में तौल-कांटे बढ़ाने को कहा ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए वाटरकूलर के साथ मटके रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही दोनों केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और गुड़-चना व शीतल पेयजल जैसी व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि खरीदी कार्य निर्धारित स्लॉट के अनुसार ही संचालित किया जाए और गुणवत्ता जांच के लिए सर्वेयर को निर्देश दिए कि एफएक्यू मानकों के अनुरूप गेहूं की जांच अनिवार्य रूप से की जाए, क्योंकि यही गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित किया जाता है।
उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे साफ और छना हुआ गेहूं लेकर आएं ताकि तौल प्रक्रिया तेज हो सके और उपार्जन कार्य में देरी न हो।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर कम से कम छह तौल-कांटे अनिवार्य रूप से सक्रिय रहें, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने उपार्जित गेहूं के शीघ्र भंडारण पर जोर देते हुए कहा कि अनाज को सुरक्षित गोदाम तक तुरंत पहुंचाया जाए, ताकि मौसम की अनिश्चितता से किसी प्रकार का नुकसान न हो और पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











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