नई दिल्ली, 12 मई।
दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रहे केस में विशेष जांच दल के एक सदस्य का बयान दर्ज किया गया। यह कार्यवाही अदालत में चल रही नियमित सुनवाई के तहत की गई।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले की जांच से जुड़े अधिकारी के बयान 15 और 19 मई को दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस केस में फिलहाल अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
अदालत ने 10 मई 2024 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसमें छह में से पांच महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों को आधार बनाते हुए उनके विरुद्ध आरोप तय किए गए थे, जबकि एक महिला पहलवान के आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया था।
इन आरोपों के आधार पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसी मामले में सह आरोपी और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी अलग से आरोप तय किए गए थे।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 26 अप्रैल 2024 को उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मामले की पुनः जांच की मांग की गई थी। इससे पहले 18 अप्रैल 2024 को दाखिल याचिका में यह दावा किया गया था कि कथित घटना के दिन बृजभूषण शरण सिंह देश में मौजूद नहीं थे, हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
इस मामले में 20 जुलाई 2023 को बृजभूषण शरण सिंह और सह आरोपी विनोद तोमर को जमानत दी गई थी। इसके बाद 7 जुलाई 2023 को अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया था, जबकि 15 जून 2023 को पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें विभिन्न धाराओं के तहत आरोप शामिल हैं।



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