भोपाल, 12 मई
इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव के अंतर्गत आए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रयों का भ्रमण किया और यहां की ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का अवलोकन किया।
प्रतिनिधिमंडल ने भीमबेटका के शैलाश्रयों, प्राचीन शैलचित्रों और प्राकृतिक संरचना को करीब से देखा तथा मानव सभ्यता से जुड़े प्राचीन प्रमाणों में विशेष रुचि दिखाई।
भ्रमण के दौरान भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथस सहित अन्य प्रतिनिधियों को अधिकारियों द्वारा भीमबेटका के इतिहास, इसकी यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता तथा यहां मौजूद शैलचित्रों की विशिष्टताओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रतिनिधियों ने स्थल पर संरक्षित प्राचीन चित्रों का अवलोकन करते हुए इस धरोहर की वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्ता को सराहा और इसे मानव सभ्यता की अमूल्य विरासत बताया।










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