भोपाल, 12 मई।
प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री महासंघ राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह संस्था स्थानीय उद्यमियों और युवाओं को आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभा रही है तथा प्रदेश में औद्योगिक माहौल को मजबूत कर रही है।
मंत्री पटेल मंगलवार को एक निजी होटल में आयोजित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर समिट जैसी पहलें प्रदेश में निवेश का नया वातावरण तैयार कर रही हैं। इससे छोटे उद्यमियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है और अब ग्रामीण युवा भी उद्योग स्थापना की दिशा में आगे आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति के बीच संबंधों को टकराव के बजाय सहयोग और समन्वय के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है और इसी क्रम में उन्होंने महासंघ के प्रतिनिधियों को श्रम विभाग की समितियों में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
मंत्री पटेल ने आगे कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं को देखते हुए कौशल मानचित्रण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उद्योगपति अपने क्षेत्र के लिए आवश्यक कौशल स्तर की जानकारी सरकार को दें, ताकि स्थानीय युवाओं को उसी अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। इससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन भी मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कृषि उत्पादन में लगातार प्रगति कर रहा है, ऐसे में अब प्रसंस्करण क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला के लिए अनुकूल है, जिसका लाभ औद्योगिक विकास में लिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमिता और युवाओं को नए अवसर देना है। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक ढांचे के विस्तार के तहत पारदर्शी प्रक्रिया से बड़ी संख्या में भूखंडों का आवंटन किया गया है और आने वाले समय में और अधिक भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए परिवहन सहायता जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे राज्य के उद्यमियों को लाभ मिल रहा है। व्यापारियों के हितों के लिए एक व्यापार बोर्ड का गठन भी किया गया है, जिसमें महासंघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का सम्मान किया गया तथा पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया। समारोह में कई उद्योगपति, पदाधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।











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